Tuesday, December 6, 2022
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सदर अस्पताल में अब उपलब्ध होगा ’’दीदी की रसोई’’ का स्वादिष्ट एवं पोष्टिक नास्ता एवं खाना

• अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराना चुनौती था

•आर्थिक रूप से सशक्त होंगी जीविका दीदी

छपरा 01 अक्टूबर: जीविका दीदियाँ सिर्फ रोटी बनाने में ही नहीं बल्कि रोटी कमाने की ओर भी अग्रसर हैं। ये दीदियाँ स्वरोजगार के अन्य माध्यमों के साथ ही अब दीदी की रसोई के माध्यम से भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और लोगों को घर जैसा शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन परोस रही हैं। इसी कड़ी में सदर अस्पताल परिसर छपरा में जीविका दीदियों द्वारा संचालित राज्य का 73 वॉ दीदी की रसोई का शुभारंभ को हुआ । अब राज्य के सभी 38 जिलों के सदर अस्पताल में एवं कई अनुमंडल अस्पतालों में भी जीविका द्वारा दीदी की रसोई का संचालन हो रहा है। दीदी की रसोई का उद्घाटन राहुल कुमार (मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका) राजेश मीणा (जिला पदाधिकारी, सारण), अमित कुमार (उप विकास आयुक्त), डॉ सागर दुलार सिन्हा (सिविल सर्जन) एवं जीविका दीदियों ने संयुक्त रूप से किया। यह दीदी की रसोई, सदर अस्पताल , छपरा में सत्यम जीविका महिला सकुल स्तरीय संघ ,भैरोपुर निजामत, छपरा सदर द्वारा संचालित किया जा रहा है।जिला अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराना एक चुनौती था। जीविका द्वारा गरीब ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका विकल्प प्रदान करने के लिए दीदी की रसोई की अवधारणा की गई। बिहार स्टेट हेल्थ सोसाइटी ने जीविका सदस्यों में विश्वास दिखाया और उन्हें अस्पताल परिसर में कैंटीन चलाने के लिए कहा ताकि मरीजों को घर जैसा स्वादिष्ट एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।सत्यम जीविका संकुल स्तरीय संघ, भैरोपुर निजामत, छपरा सदर और सदर अस्पताल-छपरा के बीच एक समझौता ज्ञापन के बाद दीदी की रसोई का शुभारम्भ शनिवार को जिला अस्पताल परिसर में हुआ। जीविका दीदियों के प्रशिक्षण के लिए तकनीकी पार्टनर ने छपरा की चयनित 18 जीविका दीदियों को प्रशिक्षण प्रदान किया । मॉड्यूल में ग्राहकों के साथ संचार, लेखा और बहीखाता, स्वच्छता और स्वच्छता का रखरखाव, संकट प्रबंधन, कच्चे माल की खरीद की तकनीक, मेनू योजना, लागत और कई अन्य प्रासंगिक कौशल शामिल थे।

जीविका दीदी को दिया गया है प्रशिक्षण

अरुण कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक, छपरा ने बताया कि खाना एवं नाश्ता बनाने में निपुण जीविका दीदियों को दीदी की रसोई के संचालन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। मंजू देवी, सदस्य, सत्यम जीविका महिला सकुल स्तरीय संघ ने बताया कि दीदी की रसोई से अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों को अस्पताल प्रशासन द्वारा भोजन नास्ता उपलब्ध कराया जाएगा।

शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जायेगा:

मैन्यू के अंतर्गत सुबह का नाश्ता, दिन का भोजन, शाम को नाश्ता एवं रात्रि का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही मरीजों के परिजनों और अस्पताल में आने वाले अन्य लोगों के लिए भी कैंटीन में नाश्ता, चाय एवम भोजन निर्धारित दर पर उपलब्ध रहेगा। इसके साथ ही मांग के अनुरूप प्रतिदिन नाश्ता एवं भोजन भी विभिन्न आयोजनों, कार्यक्रमों एवं बैठकों के लिए आपूर्ति की जायेगी। अस्पताल परिसर एवं बाहर भी विभिन्न कार्यालयों में मांग के अनुरूप शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिए सत्यम जीविका महिला सकुल स्तरीय संघ, भैरोपुर निजामत, छपरा सदर को जिला प्रशासन ने जगह उपलब्ध कराया है।

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