Tuesday, December 6, 2022
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पारिवारिक उपभोग, व्यय सर्वेक्षण का कार्य हेतु कल से तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन


दिनांकः – 19.7.2022

सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ), भारत सरकार की ओर से पारिवारिक उपभोग, व्यय सर्वेक्षण का कार्य एक वर्ष के लिए आयोजित की जा रही है, जो जुलाई 2022 से जून 2023 तक चलेगी। सर्वेक्षण कार्य को सफल बनाने के लिए 20 जुलाई से तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पटना में किया जा रहा है।

क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय पटना के उप महानिदेशक एन. संगीता की अध्यक्षता में होगा। वरिय सांख्यिकी अधिकारी सह कार्यालय प्रमुख ब्रह्मानंद प्रसाद ने बताया कि एक साल तक चलने वाले पारिवारिक उपभोग, व्यय सर्वेक्षण में खाद्य सामग्री, उपभोग एवं सेवाएं और टिकाऊ वस्तुओं से संबंधित आंकड़े एकत्र किये जाएंगे। उन्होनें बताया कि इससे संबंधित प्रश्नावली तैयार किया गया है।

श्री प्रसाद ने बताया कि सर्वेक्षण में एकत्रित सूचना भारत के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में विभिन्न उपभोग समुहों के बजट के अंश का संकलन मुख्यतः भारण आरेख तैयार करने में किया जाएगा। उन्होनें बताया कि एकत्रित सूचनाओं की आवश्यकता नीति निर्धारण और निर्णय लेने मे सरकारी तथा गैर-सरकारी क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर की जाती है। साथ ही इसका इस्तेमाल शोध कर्ता और नीति निर्धारकों द्वारा भी किया जाता है।


पारिवारिक उपभोग, व्यय सर्वेक्षण का कार्य हेतु कल से
तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

दिनांकः – 19.7.2022

सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एन.एस.ओ), भारत सरकार की ओर से पारिवारिक उपभोग, व्यय सर्वेक्षण का कार्य एक वर्ष के लिए आयोजित की जा रही है, जो जुलाई 2022 से जून 2023 तक चलेगी। सर्वेक्षण कार्य को सफल बनाने के लिए 20 जुलाई से तीन दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पटना में किया जा रहा है।

क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय पटना के उप महानिदेशक एन. संगीता की अध्यक्षता में होगा। वरिय सांख्यिकी अधिकारी सह कार्यालय प्रमुख ब्रह्मानंद प्रसाद ने बताया कि एक साल तक चलने वाले पारिवारिक उपभोग, व्यय सर्वेक्षण में खाद्य सामग्री, उपभोग एवं सेवाएं और टिकाऊ वस्तुओं से संबंधित आंकड़े एकत्र किये जाएंगे। उन्होनें बताया कि इससे संबंधित प्रश्नावली तैयार किया गया है।

श्री प्रसाद ने बताया कि सर्वेक्षण में एकत्रित सूचना भारत के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में विभिन्न उपभोग समुहों के बजट के अंश का संकलन मुख्यतः भारण आरेख तैयार करने में किया जाएगा। उन्होनें बताया कि एकत्रित सूचनाओं की आवश्यकता नीति निर्धारण और निर्णय लेने मे सरकारी तथा गैर-सरकारी क्षेत्रों में विभिन्न स्तरों पर की जाती है। साथ ही इसका इस्तेमाल शोध कर्ता और नीति निर्धारकों द्वारा भी किया जाता है।

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