Friday, December 2, 2022
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आयुष्मान भारत योजना में अगर माता-पिता हैं लाभार्थी तो, बच्चों का भी हो सकता है इलाज • पांच लाख रुपये तक इलाज होता है नि:शुल्क


• नि:शुल्क बनाया जाता है आयुष्मान कार्ड
• सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध
• नवजात शिशुओं का भी हो सकता है इलाज
छपरा,14 मार्च। आम-जनमानस को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद़्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कई योजनाएं चलायी जा रही हैं। इन योजनाओं में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री जन-आरोग्य आयुष्मान भारत योजना है। जिसके तहत लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा मुहैया करायी जा रही है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के आकार या उम्र की कोई सीमा तय नहीं की गई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का क्रियान्वयन पात्र लाभार्थियों को वर्ष में 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। योजना के संपूर्ण क्रियान्वयन के लिए लाभार्थियों को योजना से संबंधित गोल्डन कार्ड निर्माण कर उपलब्ध करायी जा रही है।

अब बच्चों का भी इलाज संभव:
आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक नीरज कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना गरीब और असहाय परिवारों के लिए वारदान साबित हो रही है। अगर माता पिता दोनों या फिर किसी एक व्यक्ति का आयुष्मान योजना की सूची में नाम है और बच्चा जन्म लेता और उसे कोई गंभीर बीमारी है तो उस बच्चे का इलाज इस योजना के तहत किया जा सकता है। उसके लिए उस बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। उसे एड मेम्बर करके लाभान्वित किया जायेगा। जिले के कई ऐसे लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है।

नई नवेली दुल्हन का भी नाम जोड़ा जायेगा:
आयुष्मान भारत के आईटी मैनेजर अभिनय कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना की सटीक और ज्यादा जानकारी अभी तक कई ऐसे लाभार्थी है जिन्हें नहीं है। अगर किसी व्यक्ति का नाम पहले से इस सूची में शामिल है और उसकी शादी होती तो उसकी पत्नी भी इस योजना का लाभ ले सकती है। उसकी पत्नी का नाम पोर्टल पर एड फैमली मेम्बर करके कार्ड बनाया जायेगा और इस योजना का लाभ दिया जायेगा। योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है। योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके जरिये लाभार्थी यह जान सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में शामिल है या नहीं। लिस्ट में नाम जांचने के लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है।

नि:शुल्क बनाया जा रहा है आयुष्मान कार्ड:
नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी तथा कॉमन सर्विस सेंटर—ई गर्वेंनेंस द्वारा आपसी सहमति के बाद लाभुकों के लिए पीवीसी आयुष्मान कार्ड नि:शुल्क बनाया जाना है। पूर्व में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर पर 30 रुपये का शुल्क देना पड़ता था। आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध किये गये अस्पतालों में इलाज के लिए बनाये जाने वाले आयुष्मान कार्ड को अब बिना किसी शुल्क के जेनेरेट किया जाना है। इस नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान भारत के लाभुकों को पहले पेपर आधारित कार्ड दिया जायेगा। फिर इसके बाद एक पीवीसी प्रिंट किया हुआ कार्ड दिया जायेगा। पीवीसी आयुष्मान कार्ड किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर से प्राप्त किया जा सकेगा।

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