Friday, February 3, 2023
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आम सहमति और सामाजिक सौहार्द राजेन्द्र प्रसाद के व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषता : प्रो० श्याम नारायण सिंह

इतिहास विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार द्वारा विशिष्ट व्याख्यानमाला का द्वितीय व्याख्यान ‘डॉ. राजेंद्र प्रसाद एवं संविधान सभा’ विषय पर आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. फारुक अली, कुलपति, जय प्रकाश विश्वविद्यालय,छपरा, बिहार थे । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सैय्यद रजा, अध्यक्ष, इतिहास विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार एवं संयोजन तथा संचालन डॉ. रितेश्वर नाथ तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार द्वारा किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. श्याम नारायण सिंह, इतिहास विभाग, राजीव गाँधी विश्वविद्यालय, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश थे । इस कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों से लगभग 80 शिक्षक, शोधार्थी, एवं छात्र-छात्राएं जुड़े रहे ।
कार्यक्रम का प्रारम्भ करते हुए डॉ. रितेश्वर नाथ तिवारी ने विषय से परिचय कराते हुए भारतीय आधुनिक इतिहास में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की भूमिका का संक्षिप्त विवरण दिया । उन्होंने बताया कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का व्यक्तित्व विराट एवं उदार था जिसकी एक झलक महात्मा गाँधी के इस कथन से मिलती है जिसमे वें कहते है कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारतीय राजनीति में अजातशत्रु है । इसके पश्चात प्रो. फारुक अली ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए इतिहास विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के प्रारम्भिक जीवन के विषय में चर्चा किया । उन्होंने कहा कि राजेंद्र बाबु का कार्य तथा विचार वर्तमान परिपेक्ष्य में महत्वपूर्ण तथा प्रासंगिक है । इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. श्याम नारायण सिंह ने सम्प्रदायिक माहौल में संविधान सभा के निर्माण की पृष्ठभूमि में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की भूमिका का सविस्तार चर्चा किया । उन्होंने बताया कि संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने संविधान सभा के सदस्यों के मध्य सामंजस्य स्थापित कर भारत के संविधान निर्माण का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किया । उन्होंने संविधान सभा तथा संविधान निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के कार्यों एवं विचारों पर प्रकाश डाला ।
इस कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन डॉ. सैय्यद रजा तथा कार्यक्रम का प्रतिवेदन डॉ. श्याम इतिहास विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत किया गया । अंत में इस कार्यक्रम का समापन डॉ. अभय सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर, इतिहास विभाग, जय प्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ ।

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