Sunday, May 22, 2022
HomeUncategorizedआंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया गया अन्नप्राशन दिवस

आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाया गया अन्नप्राशन दिवस

  • स्तनपान से होने वाले फायदों पर हुई चर्चा
  • सही पोषण और नियमित खान-पान की दी गई जानकारी

कटिहार, 19 अप्रैल। मंगलवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्नप्राशन दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर छः माह के शिशुओं को आंगनबाड़ी सेविकाओं द्वारा खीर खिलाकर ऊपरी आहार की शुरुआत की गई। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपस्थित बच्चों के परिजनों को उनके बेहतर पोषण की जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि महिलाओं और बच्चों को ही सही पोषण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा समेकित बाल विकास परियोजना के माध्यम से राष्ट्रीय पोषण अभियान चलाया जाता है। पोषण अभियान के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह 19 तारीख को छह माह पूर्ण कर चुके बच्चों को खीर खिलाते हुए उनके ऊपरी आहार की शुरुआत की जाती व सभी परिजनों को उनके शिशु के अतिरिक्त पोषण के प्रति जागरूक किया जाता है।

महिलाओं को स्तनपान कराने के फायदों की दी गई जानकारी :
अन्नप्राशन दिवस पर केंद्र में उपस्थित सभी महिलाओं को स्तनपान के फायदों की जानकारी दी गई। डीपीओ सुगंधा शर्मा ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भ के समय की खान-पान और परहेज पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को बच्चे के जन्म के पूर्व की तैयारी, बच्चे को जन्म के 1 घंटे के भीतर माँ का गाढा पीला दूध की विशेषता आदि महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पहले छह माह तक बच्चों को सिर्फ माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। यह बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायक होता है।

ऊपरी आहार की जरूरत एवं फायदे की दी गई जानकारी :
पोषण अभियान के जिला समन्यवक अनमोल गुप्ता ने बताया कि अन्नप्राशन दिवस पर आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविकाओं द्वारा 6 माह से 2 वर्ष तक के बच्चों की माताओं को बुलाकर बच्चों के लिए 6 माह के बाद ऊपरी आहार की जरूरत के विषय में जानकारी दी गई। अन्नप्राशन दिवस पर मुख्य रूप से बच्चों की माताओं को 6 माह से 9 माह के शिशु को दिन भर में 200 ग्राम सुपाच्य मसला हुआ खाना, 9 से 12 माह में 300 ग्राम मसला हुआ ठोस खाना, 12 से 24 माह में 500 ग्राम तक खाना खिलाया जाने की जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि शिशुओं को अतिरिक्त आहार के मिलने से उनके शरीर में तंदुरुस्ती आने के साथ ही उनके मष्तिष्क विकास में भी वृद्धि होती है। सही समय पर सही पोषण से ही देश में कुपोषण की समस्या को खत्म किया जा सकता है। सेविकाओं द्वारा बच्चों के अभिभावकों से बच्चों के दैनिक आहार में हरी पत्तीदार सब्जी और पीले नारंगी फल को विशेष रूप से शामिल करने की जानकारी दी गई।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments