सैकड़ो महिला पुरुष पहुंचे जिलाधिकारी कार्यालय दिया आवेदन दबंगो ने किया मार्ग अवरुद्ध

सैकड़ो महिला पुरुष पहुंचे जिलाधिकारी कार्यालय दिया आवेदन दबंगो ने किया मार्ग अवरुद्ध

गड़खा प्रखंड के अंतर्गत जलाल बसंत पंचायत के दलित बस्ती में सड़क निर्माण नहीं होने व दबंगो द्वारा पगडंडी को अवरूद्ध करने को लेकर आक्रोशित ग्रामीण सारण समाहरणालय पहुंच धरना जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की जिद पकड़े धरने पर बैठें।

सारण: पूर्व से सड़क का निर्माण नहीं होने अब उसे अवरूद्ध होने से गुस्साए लोगों ने दिया ज्ञापन।
ग्रामीणों ने जातीय तनाव की जताई आशंका। मामला सारण जिले के गड़खा प्रखंड अन्तर्गत जलाल बसंत पंचायत के नारायणपुर दलित बस्ती का बताया जा रहा है। जहां की सैकड़ों महिला पुरुष गुरुवार को सारण समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी के समक्ष ज्ञापन देने पहुंचे। हालांकि जिलाधिकारी किसी कारण वश नहीं मिल पाए।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि हामलोगो का जीवन बदतर हो गया है जिसका मुख्य कारण गांव का सड़क निर्माण जो आदि काल से नहीं बन पाया है हालांकि गांव में ही जातीय भेदभाव को बढ़ाते हुए कुछ दबंग युवाओं द्वारा अब एकपैरिया रास्ते को भी अवरूद्ध कर दिया गया है। यही नहीं उन्होंने बताया कि बिहार में शराब बंदी है जबकि गांव में खुलेआम शराब बिकता है जहां शराब कारोबारियों द्वारा दलित महिलाओं पर फब्तियां कसी जाती है तो छेड़खानी भी की जाती है जिसका विरोध करने पर जान से मारने की धमकी और घर से नहीं निकलने देने की बात दबंगो द्वारा की जाती है।

वहीं एक अन्य महिला ने यह भी बताया कि हमारे गांव में शादी विवाह के प्रयोजन पर सड़क नहीं होने की वजह से कोई भी हमारे बीच रिश्ता करना नहीं चाहता अगर हो भी जाता है वे सभी रिश्ता तोड़ भी देते है। देर सबेर चिकित्सा के लिए भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

वहीं ग्रामीण युवकों ने बताया कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधी गण आते है लोक लुभावन भाषण देने के साथ आश्वासन देकर वोट लेे जाते है लेकिन इसके बाद भी सड़क का नहीं निर्माण कराया गया नहीं दलित बस्ती का दौरा किया गया। अब दबंगो द्वारा एकमात्र रास्ते को अवरूद्ध होने से गांव में जातीय तनाव व अशांति का माहौल कायम हो गया है जो कभी भी विस्फोटक रूप लेे सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में इसका स्पष्ट उल्लेख किया है।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने आग्रह भी किया है कि दबंगो द्वारा राजनीतिक विद्वेष एवं जातिय भेदभाव को बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए कार्य को कानूनी कार्रवाई करते हुए अवरूद्ध रास्ते को दलित बस्ती के सैकड़ो ग्रामीणों के हित में अतिक्रमण मुक्त करते हुए समुचित समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा है कि उनके पूर्वज पूर्व से ही 10-12 फीट चौड़ी कच्ची सड़क से ही गुजरते आए है अब 2018 से दबंगो द्वारा धीरे धीरे इस सड़क का अतिक्रमण करते हुए अब पूर्णत: अवरूद्ध कर दिया गया है जबकि इस बस्ती में 150 घरों में लगभग दो हजार लोगो की आबादी निवास करती है जिनके आगे अब रास्ते को लेकर काफी समस्या बढ़ गई है।

एक तरफ सरकार का घोषणा कि गांव गांव बस्ती तक सड़को का जाल बिछा दिया गया है और सभी सुविधाए मुहैया करा दी गई है। वहीं बिहार में शराब बंदी कानून लागू है शराब पीना या बेचना या निर्माण करना कानूनन अपराध है जबकि ग्रामीणों ने आरोप भी लगाया है कि गड़खा थाना के संरक्षण में शराब का निर्माण व बिक्री दबंगो द्वारा किया जाता है। यही नहीं दलित बस्ती की महिलाओं के साथ छेड़खानी भी की जाती है जैसा की महिलाओं ने कैमरा के समक्ष बयान दिया है। अब देखना है कि जिलाधिकारी किस तरह इस मसले को सुलझाने का काम करते है या वैसे ही इनके हाल पर छोड़ देते है।

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