विद्यालय में पानी जमा हुआ तो मजबूरी में बनाना पड़ा बेंच का पुल, अब कैंपस में अवैध रूप से लगे बिजली के खंभे से परेशान है विद्यालय के शिक्षक व छात्र छात्राएं

विद्यालय में पानी जमा हुआ तो मजबूरी में बनाना पड़ा बेंच का पुल, अब कैंपस में अवैध रूप से लगे बिजली के खंभे से परेशान है विद्यालय के शिक्षक व छात्र छात्राएं। यही नहीं दिन प्रतिदिन सर उठाती समस्या से अवगत होते हुए भी जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं बात करे सारण जिला शिक्षा पदाधिकारी की तो उन्होंने जल्द ही समस्या के निदान की बात कही। करीब 2-3 वर्षो से यह समस्या ज्यो की त्यों बनी हुई है जिसपर बिहार विधान सभा तक आवाज उठाई जा चुकी हैं। देखे एक रिपोर्ट
छपरा: आमतौर पर विद्यालय शिक्षा का मंदिर कहा जाता है तो वही से ही विद्या रूपी धन के संस्कार पनपता है। पर यहां तो हालत कुछ और ही बयां कर रहे है विद्यालय में बेंच बच्चों के लिए बैठकर अध्ययन करने के साधन होते हैं लेकिन छपरा के एक स्कूल में ये बेंच बच्चों के स्कूल तक पहुंचने का ही जरिया बन गया है। स्कूल में भारी जलजमाव हो गया है जिसके कारण स्कूल की क्लास में रखे बेंच का इस्तेमाल पुल के रूप में किया जा रहा है। इसी पुल के जरिए छात्र ,छात्राएं और शिक्षक विद्यालय में आते जाते है। छपरा नगर निगम क्षेत्र के गांधी चौक स्थित लोकमान्य उच्च विद्यालय में नाले व बरसात के पानी से जलजमाव के कारण सभी कक्षाओं में पानी लगा हुआ है जिसके कारण विद्यालय में जाना मुश्किल हो गया है। यही नहीं विद्यालय कैंपस में बिजली विभाग द्वारा अवैध रूप से बिजली का खंभा गाड़ा गया है जो हर पल खतरे की घंटी बजाता रहता है उस खंभे से सटकर कई जीव जंतु अपनी जान गवां चुके हैं यही नहीं बारिश के बाद हुए जलजमाव में विद्युत तरंगे दौड़ रही है जो बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित कर रही हैं ऐसे में शिक्षकों ने विद्यालय में रखे बेंच को पुल के रूप में इस्तेमाल करना शुरू तो कर दिया और अब यह पुल ही विद्यालय में जाने का एकमात्र सहारा बना हुआ है। बरसात के पानी से बेंच भी गीला हो जा रहा है जिससे कभी भी बिजली के तरंगों की चपेट में आने का भय बना रहता है। इस संबंध में विद्यालय प्राचार्य योगेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को कई बार पत्र प्रेषित कर मदद की गुहार भी लगाई है लेकिन यह गुहार अनसुनी साबित हो चुकी है।

इस संबंध में सारण जिला शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि हमारे संज्ञान में यह जानकारी नहीं है अगर ऐसा हो रहा है तो यह गलत है इसकी तुरंत जांच कर दोषियों के विरुद्ध समुचित कारवाई की जाएगी। उन्होंने बिजली के खंभे पर नाराजगी जताते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन पर बिजली के खम्भे को अबिलम्ब विद्यालय कैंपस से जल्द हटाने का निर्देश भी दिए।

हालांकि पिछले इसी वर्ष मार्च महीने में बिहार विधान पार्षद सदस्य सच्चिदानंद राय ने इस मुद्दे को विधान परिषद में उठाया था और विद्यालय विकास कोष में आर्थिक कमी की बात भी कही थी जिसके जवाब में शिक्षामंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि अत्यधिक वर्षापात होनें की स्थिति में अमुक विद्यालय में जल जमाव हो जाता है। कॉलेज मे जलजमाव के कारण छात्रो को कठिनाई जरूर होती है किन्तु शिक्षण कार्य बंद नही होता है। जहां तक कोष मे राशि होने की बात है वर्तमान में विद्यालय प्रबंध समिति के पास विकास कोष मे कोई कमी नहीं है।
बीयूरो रिपोर्ट पाठक की नजर से छपरा,,

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