लोक कलाकार स्व० तिस्ता के तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्वांजलि सभा का आयोजन नगर पंचायत कार्यालय, रिविलगंज के सभागार में शनिवार को संपन्न।श्रद्वांजलि सभा में वक्ताओं ने तिस्ता के नाम पर संगीत महाविद्यालय और राज्यकीय पुरस्कार देने सरकार से माँग किया

रिविलगंज । 

लोक कलाकार स्व० तिस्ता के तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्वांजलि सभा का आयोजन नगर पंचायत कार्यालय, रिविलगंज के सभागार में शनिवार को संपन्न।श्रद्वांजलि सभा में वक्ताओं ने तिस्ता के नाम पर संगीत महाविद्यालय और राज्यकीय पुरस्कार देने सरकार से माँग किया। भोजपुरी -संगीत जगत के ख्याति प्राप्त कलाकारा एवं भोजपुरी के गौरैया नाम से प्रसिद्ध दिवंगत अनुभूति शांडिल्य उर्फ तिस्ता का तीसरी पुण्यतिथि मनायी गयी। इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों लोगों ने दिवंगत तिस्ता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दिया गया। उसके बाद रांची से पहुंचे रिटायर्ड डीएसपी रामनाथ सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों द्वारा तिस्ता को पुनः याद करते हुए अपनी-अपनी उद्गार व्यक्त किया। मुख्य अतिथि व भाजपा जिलाध्यक्ष राम दयाल शर्मा कहा कि कलाकार केवल अपने माता-पिता एवं घर-परिवार का ही नहीं बल्कि पुरा देश- दुनिया का नाम रौशन करता है। तिस्ता आज हमारे बीच नहीं है लेकिन यादों में और एक कलाकार के रूप में हमेशा अमर है और सदियों तक अमर रहेगी। उन्होंने कहा कि भोजपुरी शुर कोकिला व दिवंगत तिस्ता के नाम से राजकीय पुरस्कार लागू करने के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा। वही रिटायर्ड डीएसपी राम नाथ सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि रिविलगंज के घर के आंगन से निकली तिस्ता बहुत ही कम समय में अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर पुरे देश को गौरवान्वित कर गयी। लेकिन आंखों में आंसू भर आता अब जब उसको हम देख नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की जीवन गथा प्रस्तुत कर प्रतिभा के क्षेत्र में तिस्ता का प्रदर्शन का दुसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने कहा कि दिवंगत व भोजपुरी की कलाकार तिस्ता के नाम पर एक संगीत महाविद्यालय की स्थापना करने के दिशा में सार्थक प्रयास करना ही उसके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। विदित हो कि रिविलगंज बाजार के मूल निवासी व लोक गायक उदय नारायण सिंह के पुत्री तिस्ता की पहचान बहुत ही कम समय में देश-दुनिया में हो गई थी। बिहार की एक मात्र लोकगथा गायिका तिस्ता मात्र सत्रह वर्ष की अवस्था में अस्सी वर्ष के कुंवर सिंह जी के व्यक्तित्व को मंच के माध्यम से सांगीतिक प्रस्तुत कर उसने राष्ट्रीय स्तर पर गाथा गान- ब्यास शैली को स्थापित कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया था। उस गथा को देश स्तर पर काफी सराहना हुई थी और आज भी संगीत प्रेमी उस गथा को बारबार सुनना पसंद करते हैं। लेकिन दुःख इस बात का है कि मात्र साढ़े सत्रह वर्ष के अल्प आयु में आज से ठीक तीन साल पहले काल कल्पित हो गई। इससे पुर्व कार्यक्रम का आरंभ और अध्यक्षता अवकाश प्राप्त आरक्षी उपाधीक्षक (रांची) रामनाथ सिंह ने किया। आगत अतिथियों का स्वागत रिविलगंज नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मुकेश कुमार यादव उर्फ सोनू यादव ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार व अपवा परिवार सारण के जिलाध्यक्ष मनजीत नारायण सिंह ने किया।मंच संचालन उदय नारायण सिंह गायक द्वारा किया गया। मौके पर अशोक कुमार गिरी, किशोर कुमार सिंह पप्पु, जाकिर अली वरिष्ठ पत्रकार, बसंत कुमार सिंह, शकिल अहमद, शिक्षक नेता राजेश कुमार तिवारी, मिन्टु राइन, रामेश्वर गोप, अभिमन्यु सिंह, दीपक मिश्रा, अजय कुमार, रामेश्वर राय, सत्य प्रकाश जी, मनोज कुमार सिंह, टुन्न सिंह, दिनेश राय, प्रमोद प्रसाद, अमरेन्द्र कुमार सिंह, पृथ्वी राज सिंह, सोहैल अहमद, शूधांशु शर्मा,बबन चौधरीआदि सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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