मांझी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर-सहाबलपुर गांव में हुई अधेड़ महिला की हत्या के बाद गुरुवार की सुबह पुलिस ने खोजी कुत्ते की सहायता से हत्याकांड की जांच शुरू की

मांझी। मांझी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर-सहाबलपुर गांव में हुई अधेड़ महिला की हत्या के बाद गुरुवार की सुबह पुलिस ने खोजी कुत्ते की सहायता से हत्याकांड की जांच शुरू की। हालांकि घण्टों चले तहकीकात के बावजूद पुलिस को हत्यारों एवं हत्या में प्रयुक्त हथियार को ढ़ंढने में कामयाबी हासिल नही हो सकी। उक्त मामले में पुलिस संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन तथा कॉल डिटेल्स को भी खंगालने में जुटी है। मालूम हो कि बुधवार की देर शाम दुर्गापुर से सटे सहाबलपुर गांव के समीप अपराध कर्मियों ने दुर्गापुर निवासी शालिग्राम सिंह उर्फ केशरी सिंह की पत्नी गीता देवी की धारदार हथियार से निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी थी। हालांकि पुलिस समेत कई लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि इस जघन्य हत्या-कांड को एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया है और इसमें करीबियों का हीं हाथ होने की प्रबल संभावना है। पुलिस मृतक के पति व पुत्र के दिल्ली से घर पहुंचने का इंतजार कर रही है। ताकि आवेदन मिलते हीं पुलिस की कार्रवाई को और तेज किया जा सके। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंच चुका है जिसके दाह संस्कार के लिए गांव के लोग भी उसके पति व पुत्र के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।

वैसे लोगों की बात माने तो रुपये का लेन-देन भी हत्या का कारण हो सकता है। अब तक जांच-पड़ताल में यह बात सामने आयी है कि मृतिका सूद पर रुपयों का लेनदेन करती थी। लेन देन के ज्यादातर मामलों में उसकी एक करीबी महिला मध्यस्थता करती थी। खुद उसके देवरानी के पास भी मृतिका के करीब दो लाख रुपये फंसे होने की बात मृतिका की पुत्री ने पुलिस को बतायी है। गांव के लोगों के मुताबिक घर से लगभग पांच सौ मीटर दूरी पर सहाबलपुर स्थित बगान में बने अपने बथान में बैठकर अक्सर जेठानी व देवरानी रुपयों के लेनदेन सम्बन्धी बात-चीत करती थीं। अथवा खेतीबारी के कामकाज में भी सहयोग करती थी।

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