जिले में गुरुवार को 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई गयी कृमि मुक्ति की दवा

जिले में गुरुवार को 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई गयी कृमि मुक्ति की दवा

21 सितम्बर तक जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का किया जायेगा सफल संचालन:
आंगनबाड़ी केंद्रों तथा पोषक क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को खिलाएंगी दवा:

किशनगंज, 16 सितंबर।
बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने तथा रक्त की कमी की समस्या को दूर करने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बच्चों को पेट में कीड़ा मारने की दवा खिलाने का अभियान आज से शुरू होकर 21 सितम्बर तक चलेगा। सिविल सर्जन डॉ. श्री नंदन ने बताया बच्चों को जानकारी के बाद दवा खिलायी गयी। 16 सितंबर से 21 सितंबर तक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत करीब 10 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा सामने में खिलायी जायेगी. यह दवा खाली पेट में नहीं दिया जायेगा। एक से दो साल तक के बच्चों को आधा टेबलेट व उससे अधिक उम्र के लोगों को एक टेबलेट देनी है। भारत सरकार के निर्देशानुसार 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि मुक्ति करने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत आंगनबाड़ी जाने वाले लक्षित 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों तथा स्कूल जाने वाले 6 वर्ष 19 वर्ष तक के बच्चों एवं स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को आशा कार्यकर्ता द्वारा गृहभ्रमण कर एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया बच्चों में कृमि संक्रमण अस्वच्छता तथा दूषित मिट्टी के संपर्क में आने से होती है। कृमि संक्रमण से बच्चों के पोषण स्तर तथा हीमोग्लोबिन स्तर पर दुष्प्रभाव पड़ता है। जिससे बच्चों में शारीरिक व बौद्धिक विकास बाधित होती है।

दवा का सेवन कराते समय बरतनी होगी यह सावधानी: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान बच्चों को दवा खिलाते समय कुछ सावधानी भी बरतनी होगी। जैसे कि अगर किसी बच्चों की कोई गम्भीर बीमारी का इलाज चल रहा है और वह नियमित रूप से दवा खा रहा है, कोई भी बच्चा सर्दी ,खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ से बीमार है तो, उसे यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। साथ ही बच्चा अगर कोविड-19 ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आया है तो इसकी भी पुष्टि करनी होगी। दवा नुकसान नहीं करेगी लेकिन सावधानी के तहत ऐसे बच्चों को दवा नहीं दी जाएगी।

घबराने की जरूरत नहीं:
सिविल सर्जन डॉ श्री नंदन ने बताया ने बताया दवा खिलाते समय यह ध्यान रखा जाये कि बच्चे दवा को चबाकर खाएं।, जिन बच्चों के पेट में कीडों की अधिकता होगी उनके द्वारा दवा का सेवन करने पर मामूली लक्षण सामने आयेंगे, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे दवा खाने के बाद जी मचलाना, पेट में हल्का दर्द, उल्टी, दस्त और थकान महसूस होना, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। पेट में कीड़ा होने के कारण यह प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देगा। इस दौरान बच्चों को आराम की सलाह दें तथा उसे लेट जाने को कहें, 10 मिनट में समस्या स्वयं ही दूर हो जाएगी।

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