छपरा पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने मनाया रेल बचाओ-देश बचाओ दिवस

पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने मनाया रेल बचाओ-देश बचाओ दिवस


छपरा 9 अगस्त। ए एच अंसारी मण्डल अध्यक्ष वाराणसी पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने बताया कि एनएफआईआर एवं आईएनटीयूसी , नई दिल्ली के आह्वान पर रेलवे के नीजिकरण एवं निगमीकरण के विरोध में पूरे देश में रेल बचाओ-देश बचाओ सप्ताह मनाया जा रहा है। केन्द्र सरकार की रेल और कर्मचारी विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ पूर्वोत्तर रेलवे स्तर पर और वाराणसी मण्डल के मडुआडीह , वाराणसी , वाराणसी सीटी , आज़मगढ़ , मऊ जं० , औड़िहार , बलिया , भटनी , देवरिया , गोरखपुर , कप्तानगंज , तमकुही रोड , थावे , सिवान और छपरा के कर्मचारी अपने अपने कार्य स्थलों और संघ के शाखा कार्यालयों पर भारी संख्या में उपस्थित होकर अपना आक्रोश प्रकट कर विरोध प्रदर्शन किये।
वाराणसी के कार्यालय पर भारी संख्या में रेल कर्मचारी एकत्र हुए और पीआरकेएस के कार्यकारी अध्यक्ष सह जोनल सचिव एनएफआईआर रमेश मिश्रा के नेतृत्व में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किये। बाद में सभा को संबोधित करते हुए जोनल सचिव ने कहा कि केन्द्र सरकार निरंकुश और तानाशाही रवैया अपना रही है। रेल कर्मचारियों के ख़िलाफ़ नये-नये मज़दूर विरोधी क़ानून बनाकर प्रताड़ित कर रही है। रेल कर्मचारियों को अपने हक़ों के लिए संगठित होकर लड़ना होगा , नहीं तो न तो रेल बचेगा और न कर्मचारी बचेंगे। केंद्र सरकार रेलवे का नीजिकरण और निगमीकरण बंद करे , अठारह महिने का डीए और डीआर का एरियर भुगतान करे , पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करे , मज़दूर विरोधी काले क़ानून वापस ले , रेल कर्मचारियों का शोषण और दोहन बंद करे , सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करे आदि रेल कर्मचारियों की ज्वंलत माँगों को अविलंब पूरा करे। अन्यथा रेल कर्मचारी रेल रोको अभियान चलाने को बाध्य होंगे।
मण्डल अध्यक्ष अंसारी ने बताया कि रेलवे देश का सबसे बड़ा संगठन है जहाँ लाखों युवाओं को नौकरियाँ मिलती हैं। वर्तमान केन्द्र की सरकार रेल को कारपोरेट के हाथों बेंच रही है। जिससे देश में बेरोज़गारी बढ़ रही है। रेलवे का नीजिकरण और निगमीकरण कर सरकार आउटसोर्सिंग एजेंसियों से काम करा रही है । इससे यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा भी प्रभावित है। देश के विकास और आर्थिक मामलों रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए रेल बचेगा तो देश बचेगा। श्रम क़ानून में परिवर्तन कर केन्द्र सरकार कर्मचारियों का दोहन और शोषण कर रही है। अगर केन्द्र सरकार नहीं चेती तो कर्मचारी रेल का चक्का जाम करने को विवश होंगे।
विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वालों में परविंदर श्रीवास्तव , पी डी श्रीवास्तव , अविनाश मिश्रा , श्याम कुमार झा , जावेद , राधेश्याम मिश्रा , रामप्यारे शर्मा , राहुल , अब्दुल अख़़तर , अनीस अहमद खान , के के चतुर्वेदी , वी एस यादव , सुभाष यादव आदि कई कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया।

Please follow and like us:
error5
Tweet 20
fb-share-icon20
Live खबर